रांची। योगा सिखाने वाली प्रसिद्ध मुस्लिम योगा टीचर राफिया नाज़ के खिलाफ मुस्लिम धर्मगुरुओं ने फतवा जारी कर दिया है. इतना ही नहीं उनके ही समुदाय के कुछ लोग उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन ने उनको अंगरक्षक देने की बात कही है.
दरअसल, राफिया नाज योग टीचर हैं और वह रांची के निवारणपुर स्थित आदिम जाति सेवा मंडल के आश्रम में पहली से 10वीं कक्षा तक के बच्चों को योग सिखाती हैं. डोरंडा इलाके की रहने वाली राफिया नाज़ योग सिखाकर अपनी आजीविका चलाती हैं. योग सिखाना जारी रखने पर उन्हें फतवे के जरिये धमकाया गया है. वह अपने घर में बच्चों में सबसे बड़ी हैं और एक स्थानीय कॉलेज से एम.कॉम कर रही हैं. 2015 में योग गुरु रामदेव के साथ मंच साझा करने के बाद नाज चर्चा में आई थीं.
राफिया नाज ने एसएसपी कुलदीप द्विवेदी से भी मुलाकात की और मामले की जानकारी दी. एसएसपी ने नाज की सुरक्षा के लिए दो अंगरक्षक भी दिए हैं. नाज को उसके समुदाय की तरफ से ही धमकियां मिलने के बाद उसके परिजन डरे हुए हैं. राफिया नाज़ ने पत्रकारों से कहा कि मेरी समस्या दोनों समुदायों के सदस्यों के साथ है. एक तरफ, मुझे योग नहीं सिखाए जाने को कहा गया है तो दूसरी तरफ मुझे अपना नाम बदलने के लिए कहा गया है ताकि लोग मुझसे योग सीखने में संकोच न करें. हालांकि नाज ने कहा है कि मैं योग करना जारी रखूंगी और जीवन के अंत तक योग सिखाती रहूंगी.

दलित दस्तक (Dalit Dastak) साल 2012 से लगातार दलित-आदिवासी (Marginalized) समाज की आवाज उठा रहा है। मासिक पत्रिका के तौर पर शुरू हुआ दलित दस्तक आज वेबसाइट, यू-ट्यूब और प्रकाशन संस्थान (दास पब्लिकेशन) के तौर पर काम कर रहा है। इसके संपादक अशोक कुमार (अशोक दास) 2006 से पत्रकारिता में हैं और तमाम मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। Bahujanbooks.com नाम से हमारी वेबसाइट भी है, जहां से बहुजन साहित्य को ऑनलाइन बुक किया जा सकता है। दलित-बहुजन समाज की खबरों के लिए दलित दस्तक को सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलो करिए। हम तक खबर पहुंचाने के लिए हमें dalitdastak@gmail.com पर ई-मेल करें या 9013942612 पर व्हाट्सएप करें।