गुजरात। हिन्दुत्व के हीरो बनें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के राज्य गुजरात से हिन्दू धर्म के लिए ही बुरी खबर है. गुजरात में हिन्दू धर्म को छोड़ने वालों की संख्या में काफी तेजी आई है. गुजरात के विभिन्न जिलों में प्रशासन को धर्म परिवर्तन के 447 आवेदन मिले हैं, जिसमें 90 फीसदी हिन्दू धर्म के लोग हैं, जो अब यह धर्म छोड़ना चाहते हैं.
27 फरवरी को गुजरात सरकार ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब के दौरान खुद इस आंकड़े का जिक्र किया है. हिन्दू धर्म छोड़ने को तैयार इन लोगों में सबसे ज्यादा लोग उत्तर गुजरात के बनासकांठा जिले के हैं. इस जिले के 194 लोगों ने हिन्दू धर्म छोड़ने के लिए आवेदन दिया है. इसके अलावे सरकार को सुरेन्द्र नगर से 55 और जूनागढ़ से 26 आवेदन मिले हैं. साल 2016-17 में राज्य सरकार को हिन्दू धर्म छोड़ने के संबंध में 402 अप्लीकेशन मिले हैं.
असल में गुजरात सरकार ने धर्म परिवर्तन की सूचना जिला कलेक्टर को देने के लिए नियम बना रखा है. इसके मुताबिक किसी को भी अपना धर्म छोड़ कर दूसरा धर्म ग्रहण करने से पहले जिला कलेक्टर को इसकी सूचना देनी पड़ती है. इससे पहले अप्रैल 2010 से मार्च 2015 के दौरान राज्य सरकार को धर्म परिवर्तन के लिए 1838 आवेदन मिला था, जिसमें 1735 हिन्दू धर्म के थे.
हिन्दू धर्म छोड़ने वालों में ज्यादातर दलित समाज के लोग हैं. गुजरात में लगातार दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं. उना की घटना ने तो पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थी. अपने उत्पीड़न से परेशान दलित समाज के लोग अब हिन्दू धर्म से ही अलग हो जाना चाहते हैं. गुजरात सरकार और हिन्दू धर्म के ठेकेदारों के लिए यह बड़ा झटका है.

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