Friday, April 4, 2025
HomeTop Newsकिसानों के नाम कृषि मंत्री का पत्र, योगेन्द्र यादव ने पकड़ा 20...

किसानों के नाम कृषि मंत्री का पत्र, योगेन्द्र यादव ने पकड़ा 20 झूठ

 कृषि बिल के खिलाफ सड़क पर उतरे किसानों ने मोदी सरकार की नाक में दम कर दिया है। सरकार कृषि बिल के खिलाफ किसानों के आंदोलन से इतना परेशान हो गई है कि सरकार के सभी नेता-मंत्री इन दिनों या तो किसानों को समझाने में लगे हैं, या फिर किसानों के आंदोलन को बदनाम करने में जुटे हैं। आंदोलन से बौखलाई केंद्र सरकार के कृषि मंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए 17 दिसंबर को किसानों के नाम एक पत्र लिखा है। यह पत्र आठ पन्नों का है, जिसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव का दावा है कि इसमें 20 झूठ हैं।

चिट्ठी की शुरुआत में कृषि मंत्री ने लिखा है कि कृषि मंत्री के तौर पर मेरे लिए यह बहुत संतोष की बात है कि नए कानून लागू होने के बाद इस बार MSP पर सरकारी खरीद के भी पिछले सारे रिकार्ड टूट गए हैं। ऐसे समय में जब हमारी सरकार MSP पर खरीद के नए रिकार्ड बना रही है, खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ा रही है, कुछ लोग किसानों से झूठ बोल रहे हैं कि MSP बंद कर दी जाएगी।

मेरा किसानों से आग्रह है कि राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित कुछ लोगों द्वारा फैलाए जा रहे इस सफेद झूठ को पहचानें और इसे सिरे से खारिज करें। जिस सरकार ने किसानों को लागत का डेढ़ गुना MSP दिया, जिस सरकार ने पिछले 6 सालों में MSP के जरिए लगभग दोगुनी राशि किसानों के खाते में पहुंचाई, वह सरकार MSP कभी बंद नहीं करेगी। MSP जारी है और जारी रहेगी।

हालांकि कृषि मंत्री की आखिरी लाइन कि सरकार MSP कभी बंद नहीं करेगी, MSP जारी है, और जारी रहेगी, को पढ़ते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वह भाषण याद आता है, जिसमें वह टेबल ठोक कर रेलवे के नहीं बिकने का दावा करते थे, लेकिन हुआ क्या? रेलवे निजीकरण के चक्र में फंस चुकी है और इस पर देश के पूंजीपतियों का कब्जा शुरू हो चुका है।

इस चिट्ठी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अपने ट्विटर से शेयर किया है। 17 दिसंबर की शाम 8 बजे पीएम मोदी ने इस चिट्ठी को अपने ट्विटर हैंडल से शेयर करते हुए लिखा कि,  कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर जी ने किसान भाई-बहनों को पत्र लिखकर अपनी भावनाएं प्रकट की है, एक विनम्र संवाद करने का प्रयास किया है। सभी अन्नदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे इसे जरूर पढ़ें। देशवासियों से आग्रह है कि वे इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएँ।

प्रधानमंत्री मोदी के अलावा इस चिट्ठी को गृहमंत्री अमित शाह और सरकार के अन्य तमाम मंत्रियों ने भी शेयर किया है। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस चिट्ठी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की अपील के बाद सरकार के मंत्री से लेकर भाजपा कार्यकर्ता तक इसे लोगों तक पहुंचाने में जुट गए हैं। लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव ने कृषि मंत्री की इस चिठ्ठी में 20 झूठ पकड़ा है। योगन्द्र यादव ने एक वीडियो जारी कर कृषि मंत्री और सरकार के झूठ का फांडाफोड़ किया है।

इस वीडियो में योगेन्द्र यादव ने कृषि मंत्री और सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है तो साथ ही किसानों से झूठ बोलने को लेकर कृषि मंत्री को आड़े हाथों लिया है।

दरअसल किसानों के लगातार विरोध से मोदी सरकार भारी दबाव में हैं। सामने बंगाल का चुनाव होने से सरकार की मुश्किलें ज्यादा बढ़ी हुई है। भाजपा और संघ को डर है कि अगर किसानों का आंदोलन नहीं रुका और यह मुद्दा बड़ा हो गया तो उन्हें बंगाल चुनाव में नुकसान उठाना पर सकता है। दूसरी ओर किसान अपनी मांग पूरा हुए बिना पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या अब सरकार किसानों से यह लड़ाई झूठ और छल की बदौलत जीतना चाहती है।

लोकप्रिय

अन्य खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Skip to content