नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जुड़ा एक दिलचस्प मामला सामने आया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के सामने ‘श्री’ न लगाने के कारण सीमा सुरक्षा बल के एक जवान के सात दिन की तनख़्वाह काट दी गई है. मामला 21 फ़रवरी का है. इस दिन बंगाल के नदिया के महातपुर में मौजूद बीएसएफ़ की 15वीं बटालियन के मुख्यालय में परेड चल रही थी. परेड के दौरान जवान संजीव कुमार ने रिपोर्ट देते वक्त ‘मोदी के कार्यक्रम’ का इस्तेमाल किया.
संजीव कुमार को बीएसएफ़ एक्ट की धारा 40 के अनुसार ‘दोषी’ पाया गया और सज़ा के तौर पर उनकी सात दिन की तनख़्वाह काटी गई. असल में बीएसएफ की परंपरा के मुताबिक देश के प्रधानमंत्री सहित गृहमंत्री और रक्षा मंत्री आदि के नाम के पहले आदरसूचक शब्द के रूप में ‘श्री’ शब्द लगाने का चलन रहा है.

दलित दस्तक (Dalit Dastak) साल 2012 से लगातार दलित-आदिवासी (Marginalized) समाज की आवाज उठा रहा है। मासिक पत्रिका के तौर पर शुरू हुआ दलित दस्तक आज वेबसाइट, यू-ट्यूब और प्रकाशन संस्थान (दास पब्लिकेशन) के तौर पर काम कर रहा है। इसके संपादक अशोक कुमार (अशोक दास) 2006 से पत्रकारिता में हैं और तमाम मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। Bahujanbooks.com नाम से हमारी वेबसाइट भी है, जहां से बहुजन साहित्य को ऑनलाइन बुक किया जा सकता है। दलित-बहुजन समाज की खबरों के लिए दलित दस्तक को सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलो करिए। हम तक खबर पहुंचाने के लिए हमें dalitdastak@gmail.com पर ई-मेल करें या 9013942612 पर व्हाट्सएप करें।