मूडीज की ‘ईज ऑफ डुइंग रैकिंग्स’ लिस्ट में भारत को 30 पायदान उछाल मिलने के बाद मोदी सरकार एक बड़े प्लान में जुट गई है. मोदी सरकार ‘एक अरब-एक अरब-एक अरब’ के विजन को पूरा करने की हर कोशिश कर रही है. विजन के हिसाब में एक अरब आधार नंबरों को एक अरब बैंक खातों और एक अरब मोबाइल से लिंक करने का प्लान बनाया जा रहा है.
दरसलअ, मूडीज की ओर से जीएसटी, नोटबंदी और आधार लिंक की तारीफ की गई है और इसी ऐवज में केंद्र सरकार अपने इस प्लान पर जोर देने लग गई है.
‘वन प्लस-वन प्लस-वन प्लस’ के इस विजन को हासिल करने की अटकलें सरकारी महकमे में गूंजने लगी हैं, हालांकि इसे पूरा करने की कोई तारीख तय नहीं रखी गई है. सरकार के इस प्लान पर जोर देने के और भी कारण है, पहला 6 लाख करोड़ रुपये के बड़े नोटों का चलन से बाहर होना है.
पिछले साल पीएम मोदी ने जब नोटबंदी का ऐलान किया था उस वक्त नोटों की कीमत 15.44 लाख करोड़ रुपये थी, जो कि इस साल सितंबर तक 12 लाख करोड़ रुपये रह गई. अगर नोटबंदी नहीं लागू होती तो ये बड़े नोटों की ये कीमत करीब 18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन अब वह घटकर 6 लाख करोड़ रह गई है.
नोटबंदी और जीएसटी जैसे कदमों के चलते पिछले कुछ महीनों में केंद्र सरकार को विरोधियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन मूडीज की ओर से सकारात्मक पहलू आने के बाद सरकार को मजबूत स्थिति मिली है. मूडीज की माने तो सरकार के ये कदम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला है.

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