लखनऊ। एक बार में तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार को संसद में तीन तलाक पर नियम बनाने का आदेश भले ही दे दिया हो लेकिन तीन तलाक के मामले में आज से 35 साल पहले ही मशहूर लेखिका अचला नागर ने अपनी कहानी के माध्यम से मुस्लिम समाज में फैली इस प्रथा का विरोध किया था.
1982 में आई फिल्म निकाह में तीन तलाक के मामले को उठाया जा चुका है. निर्देशक बीआर चोपड़ा के कहने पर अचला नागर ने ये पटकथा लिखी थी. इस फिल्म की खास बात ये थी कि रिलीज से पहले इस फिल्म का नाम तलाक, तलाक, तलाक रखा गया था लेकिन बाद में किन्हीं कारणों से फिल्म का नाम निकाह रखा गया. सिर्फ निकाह ही नहीं और भी बॉलीवुड फिल्मों में तीन तलाक का जिक्र किया गया है.
1960 में आई गुरूदत्त और वहीदा रहमान की फिल्म चौदहवीं का चांद भी तलाक के मुद्दे को लेकर ही बनी थी. फिल्म को लोगों ने पसंद भी किया था. साल 1958 में फिल्म तलाक में राजेंद्र कुमार के जबर्दस्त अभिनय लोगों के दिलों पर छाप छोड़ गया. इस फिल्म में भी तीन तलाक का जिक्र किया गया था. इस फिल्म के लिये निर्देशक महेश कौल को फिल्मफेयर अवार्ड के लिये नामांकित भी किया गया था.
तलाक के मामले को लेकर 29 सितंबर 2017 को फिल्म हलाल भी रिलीज की जायेगी. फिल्म राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिवाजी लोटन पटेल बना रहे हैं. ये फिल्म रिलीज होने के पहले ही कई पुरस्कार अपने नाम कर चुकी है. तलाक जैसे संवेदन शील मुद्दों पर बनी ये फिल्म 53 वें महाराष्ट्र फिल्म समारोह में भी 6 पुरस्कार जीत चुकी है. वहीं एक शार्ट फिल्म जुल्म में भी तलाक जैसे मुद्ददे को उठाया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में तीन तलाक के मामले पर 6 महीने की रोक लगाते हुए संसद में तीन तलाक पर नियम बनाने का आदेश दिया है. वहीं तीन न्यायाधीशों ने तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित किया है. तो न्यायमूर्ति जेएस खेहर और अब्दुल नजीर असंवैधानिक घोषित होने के पक्ष में नहीं है.

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