नए साल की दस्तक हो चली है, लेकिन उससे पहले कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने आकर लोगों के उत्साह पर पानी फेर दिया है। कई देशों में डेल्टा की जगह ओमिक्रॉन वैरिएंट पूरी तरह हावी हो चुका है और ये देश महामारी की चौथी लहर झेल रहे हैं। वहीं भारत में अब तक कोरोना की दूसरी लहर देखी गई है। भारत में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामले और कोविड मामलो में आई उछाल से तीसरी लहर के आने की आशंका तेज हो गई है।
दरअसल भारत में 30 दिसंबर तक ओमिक्रॉन के 961 मामले सामने आ चुके हैं। इसी के साथ 29 दिसंबर को कोविड के मामलों में 44% की तेजी दर्ज की गई है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना के तेजी से बढ़े ये मामले ओमिक्रॉन की वजह से हैं और अनुमान है कि 2022 की शुरुआत में कोरोना के मामलो में उछाल आ सकता है। एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिकों का अनुमान है कि भारत में बढ़े Covid-19 के मामलों की वजह से तीसरी लहर आने की संभावना है, लेकिन इसके साथ ही एक्सपर्ट्स ने एक राहत की खबर भी सुनाई है।
एक्सपर्ट्स ने कहा है कि जहां एक तरफ तीसरी लहर के आने की आशंका है वहीं एक बात ये भी है कि इसका प्रभाव पहली और दूसरी लहर की तरह गंभीर नहीं होगा। जानकारों के मुताबिक, ये लहर बहुत कम समय तक रहेगी। अब आपके ज़हन में एक सवाल आ रहा होगा की तीसरी लहर के आने की बात पुख्ता तरीके से क्यों कही जा रही है। तो हम आपको बता दें कि कोविड मामले पर लगातार रिसर्च करने वाले 4 अहम संस्थानों के एक्सपर्ट्स ने कोविड पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। आइए जानते हैं कि उन संस्थानों ने क्या कहा-
> कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक ट्रैकर बनाया है जिसके मुताबिक दिसंबर के अंतिम सप्ताह से नए संक्रमण के मामले बढ़ने लगेंगे।
> आईआईटी-कानपुर की एक स्टडी में बताया गया है कि भारत में महामारी की तीसरी लहर 3 फरवरी, 2022 तक पीक पर आ सकती है। इस भविष्यवाणी के अनुसार मामलों में वृद्धि, 15 दिसंबर तक शुरू होनी थी।
> नेशनल कोविड-19 सुपरमॉडल कमेटी ने अनुमान लगाया है कि कोरोना की तीसरी लहर 2022 की शुरुआत में पीक पर पहुंचने की उम्मीद है। कमेटी के सदस्यों ने कहा कि जैसे ही ओमिक्रॉन डेल्टा की जगह लेना शुरू कर देगा, वैसे ही हर दिन इसके मामले बढ़ने लगेंगे।
> ओमिक्रॉन वैरिएंट की पहचान करने वाले दक्षिण अफ्रीकी डॉक्टर एंजेलिक कोएत्जी ने कहा है कि ओमिक्रॉन की वजह से भारत में कोविड के मामलों में वृद्धि होगी, लेकिन इसका संक्रमण हल्का होगा। कोएत्जी ने कहा कि इसकी पॉजिटिविटी रेट ज्यादा होगी लेकिन उम्मीद है कि इसके अधिकांश मामले उतने ही हल्के होंगे जितने हम यहां दक्षिण अफ्रीका में देख रहे हैं।
इन सभी एक्सपर्ट्स की कोविड पर जो राय है इससे ये लगता है की कोविड की दूसरी लहर आ सकती है लेकिन इसके साथ ही अच्छी खबर ये बताई जा रही है की इससे नुकसान की संभावना कम है।
- रिपोर्ट- आस्था गुप्ता
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