नई दिल्ली। दिल्ली में सर्दी बढ़ते ही धुंध ने भी अपने पैर पसारना शुरु कर दिए हैं. मंगलवार (7 नवंबर) की सुबह दिल्ली में धुंध की मोटी चादर बिछी रही जिसके चलते दिखना तक दूभर हो गया है. प्रदूषण का स्तर खतरे के निशान से आगे निकल गया है. इसके मद्देनजर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार को खत लिखा है कि वो स्कूल में आउटडोर गेम्स पर रोक लगाएं. प्रदूषण के स्तर को देखते हुए सुबह की सैर पर भी लोग कम दिखाई पड़े.
IMA declares Delhi in public health emergency state,schools shld be shut & ppl must avoid stepping out-IMA Pres Dr.KK Aggarwal #AirPollution pic.twitter.com/mJ3SbVlGft
— ANI (@ANI) November 7, 2017
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली के लोधी रोड की हवा की गुणवता बेहद खराब श्रेणी में थी. इसी तरह राजधानी के अलावा नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार पहुंच गया है. बताया जा रहा है कि अगर प्रदूषण की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो इस बार सर्दी की वजह से नहीं बल्कि प्रदूषण के चलते स्कूल बंद करने पड़ेंगे. मंगलवार की सुबह धुंध के कारण करीब 500 मीटर दूर तक देखना मुश्किल रहा. सुबह 7.30 बजे के बाद भी धुंध का बरकरार थी. धुंध की वजह से वाहनों गति भी धीमी दिखी.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली प्रदूषण को देखते हुए दिवाली पर पटाखा बैन किया था. इसके अलावा दिल्ली सरकार भी प्रदूषण को लेकर कसर कस ली है. दरअसल दिल्ली सरकार ऑड-इवन को लेकर विचार कर रही है. हाल में ही दिल्ली सचिवालय से जारी एक पत्र में दिल्ली परिवहन निगम को दिशा-निर्देश जारी किए थे कि दिल्ली में कभी भी ऑड-ईवन स्कीम की घोषणा हो सकती है. ऐसे में डीटीसी पर्याप्त मात्रा में बसों की व्यवस्था रखे.
इस बाबत ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के अलावा डीटीसी के एमडी के बीच 23 अक्टूबर को मीटिंग हो चुकी है. डीटीसी को आदेश दिया गया है कि वो सात दिन के भीतर एक्शन प्लान बनाए जिसमें बस/कंडेक्टर की व्यवस्था आदि के बारे में पूरी जानकारी हो.

दलित दस्तक (Dalit Dastak) साल 2012 से लगातार दलित-आदिवासी (Marginalized) समाज की आवाज उठा रहा है। मासिक पत्रिका के तौर पर शुरू हुआ दलित दस्तक आज वेबसाइट, यू-ट्यूब और प्रकाशन संस्थान (दास पब्लिकेशन) के तौर पर काम कर रहा है। इसके संपादक अशोक कुमार (अशोक दास) 2006 से पत्रकारिता में हैं और तमाम मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। Bahujanbooks.com नाम से हमारी वेबसाइट भी है, जहां से बहुजन साहित्य को ऑनलाइन बुक किया जा सकता है। दलित-बहुजन समाज की खबरों के लिए दलित दस्तक को सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलो करिए। हम तक खबर पहुंचाने के लिए हमें dalitdastak@gmail.com पर ई-मेल करें या 9013942612 पर व्हाट्सएप करें।